अब मैं पुस्तकों के भीतर था लेखक के कहने का क्या आशय है? - ab main pustakon ke bheetar tha lekhak ke kahane ka kya aashay hai?

MCQ

'मैं अब पुस्तकों के भीतर था।' नीचे दिए गए विकल्पों में से कौन सा इस वाक्य का अर्थ बतलाता है -

Options

  • लेखक पुस्तकें पढ़ने में रम गया।

  • लेखक पुस्तकों की शैल्फ़ के भीतर चला गया।

  • लेखक के चारों ओर पुस्तकें ही थीं।

  • पुस्तक में लेखक का परिचय और चित्र छपा था।

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Solution

लेखक पुस्तकें पढ़ने में रम गया। (✓)

Concept: गद्य (Prose) (Class 9 A)

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Chapter 2: ल्हासा की ओर - प्रश्न अभ्यास [Page 29]

Q 7Q 6Q 8

APPEARS IN

NCERT Class 9 Hindi - Kshitij Part 1

Chapter 2 ल्हासा की ओर
प्रश्न अभ्यास | Q 7 | Page 29

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मैं अब पुस्तकों के भीतर था का क्या आशय है?

मैं अब पुस्तकों के भीतर था। इस वाक्य का सही अर्थ होगा कि लेखक पुस्तकें पढ़ने में रम गया था। 'ल्हासा की ओर' पाठ में राहुल सांकृत्यायन जब बुध विहार में गए तो वहां पर उन्हें ढेर सारी बौद्ध साहित्य की पुस्तके मिलीं। इसी कारण है उन पुस्तकों को पढ़ने बैठ गए।

.मैं अब पुस्तकों के भीतर था लेखक ने ऐसा क्यों कहा?

Answer. लेखक ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि उन्हें वह हस्त लिखित पोथियों इतने अच्छे लगे कि वह उन्हें अधूरा छोड़कर कहीं जाना नहीं चाहते थे। इसलिए जब सुमति ने उन्हें अपने आसपास के यजमानों से मिलने के बारे में पूछा तो उन्होंने उन्हें जाने के लिए कह दिया। उन्हें लगा कि सुमति को २-३ दिन लग जाएंगे, जिसमें वह सारी किताबें पढ़ लेंगे ...