पपीता में कौन सा खाद डालें - papeeta mein kaun sa khaad daalen

पपीता Caricaceae family के एक बड़े पौधे का रसदार फल है, यह मूल रूप से एक उष्णकटिबंधीय पौधा (tropical plant) है। पपीते का फल स्वाद में थोड़ा मीठा व अनोखा होता है। पपीते में विटामिन-A, विटामिन-C, विटामिन-E जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, यह हमारे स्वस्थ के लिए बहुत लाभदायक हैं। यदि आपके घर पर पपीते का पौधा लगा है लेकिन उसमें अधिक फल नहीं आ रहे हैं, या फिर आप घर पर पपीते की पैदावार बढ़ाने के तरीके की तलाश कर रहें हैं, तो इस आर्टिकल में घर पर पपीते के पौधे की उपज बढ़ाने की टिप्स तथा देखभाल के तरीके बताए गए हैं आइये जानते हैं पपीते के पेड़ की देखभाल कैसे करें, पपीता में कौन सा खाद डालें, अधिक पपीते कैसे प्राप्त करें?

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पपीते के पेड़ से अधिक फल प्राप्त करने के लिए यदि आप जानना चाहते हैं कि पपीते के पेड़ की देखभाल कैसे करें, तो हम आपको घर पर पपीते की पैदावार बढ़ाने के तरीके और देखभाल संबंधी टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो कि निम्न हैं:

(यह भी जानें: गमले में ड्वार्फ पपीता कैसे उगाएं…)

Table of Contents

  • 1 टिप्स 1. पपीते की अधिक उपज के लिए चुने सही मिट्टी – Right Soil For High Yield In Papaya In Hindi
  • 2 टिप्स 2. पपीते में अधिक फल लगने के लिए उत्तम परिस्तिथियाँ – Best Conditions For Papaya Fruit Growth In Hindi
  • 3 टिप्स 3. पपीते की पैदावार बढ़ाने के लिए पौधों को दें पर्याप्त पानी – Give Water for make papaya tree bear fruit In Hindi
  • 4 टिप्स 4. पपीते से अधिक फल उत्पादन प्राप्त करने के लिए बेस्ट तापमान तथा रोशनी – Temperature And Light To Produce More Papaya In Hindi
  • 5 टिप्स 5. पपीते के उत्पादन को बढ़ाने के लिए चुने उच्च उर्वरक और खाद – Best Fertilizer For Increase Papaya Yield In Hindi
  • 6 टिप्स 6. अधिक पपीते प्राप्त करने के लिए रखें पौधों को कीड़ों तथा रोगों से मुक्त – Control Pests And Disease, To Get More Fruits From Papaya In Hindi
  • 7 टिप्स 7. पपीते की अधिक पैदावार के लिए पौधे को रखें उचित दूरी में – To Increase fruit Yield Maintain Distance In Papaya plant In Hindi
  • 8 टिप्स 8. पपीते के विकास के लिए पौधों को खरपतवारों से मुक्त रखें – Control Weeds For Papaya Growth In Hindi

टिप्स 1. पपीते की अधिक उपज के लिए चुने सही मिट्टी – Right Soil For High Yield In Papaya In Hindi

पपीता में कौन सा खाद डालें - papeeta mein kaun sa khaad daalen

  • पपीते के बेहतर विकास के लिए इन्हें अच्छी जल निकासी, उपजाऊ तथा कम अम्लीय मिट्टी की आवश्यकता होती है।
  • पपीते के पौधे 6.5 से 7 ph मान वाली मिट्टी पसंद करते हैं।
  • पौधों को उथली और अधिक काली मिट्टी में उगाने से बचें।

पौधे की वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक सामग्री यहां से खरीदें:

पॉटिंग मिट्टी यहां से खरीदें
वर्मीकम्पोस्ट यहां से खरीदें
नीम केक यहां से खरीदें
गोबर खाद यहां से खरीदें
वॉटर केन यहां से खरीदें
स्प्रे वाटर यहां से खरीदें
नीम तेल यहां से खरीदें
प्रूनर यहां से खरीदें

(यह भी जानें: पौधे की ग्रोथ के लिए अच्छी मिट्टी…)

टिप्स 2. पपीते में अधिक फल लगने के लिए उत्तम परिस्तिथियाँ – Best Conditions For Papaya Fruit Growth In Hindi

  • आमतौर पर पपीते के पौधों को वसंत ऋतु (फरवरी-मार्च) के दौरान लगाया जाता है।
  • पपीते के पेड़ के फूल गर्म, आर्द्र तथा शुष्क जलवायु में पनपते हैं। पपीता 25-35˚C के तापमान की रेंज में अच्छी तरह से ग्रो करता है।
  • बहुत अधिक तापमान के संपर्क में आने से पत्तियाँ मुरझा सकती है, फूल झड़ सकते हैं और पौधे मर सकते हैं।

टिप्स 3. पपीते की पैदावार बढ़ाने के लिए पौधों को दें पर्याप्त पानी – Give Water for make papaya tree bear fruit In Hindi

पपीता में कौन सा खाद डालें - papeeta mein kaun sa khaad daalen

  • घर पर लगे पपीते के पौधों की अधिक वृद्धि और फलों के विकास के लिए नियमित रूप से पानी देना आवश्यक है।
  • पपीते के पौधे को विकास के दौरान विशेष रूप से पानी दें, पानी पौधे को तेजी से ग्रो करने में मदद करता है।
  • पपीते के पत्ते बड़े तथा नरम होते हैं इसलिए गर्म जलवायु में पौधों को पर्याप्त पानी देना महत्वपूर्ण है।
  • पानी देते समय ध्यान रखें कि गमले की मिट्टी में पानी भरा न रहें, क्योंकि यह जड़ों के सड़ने का कारण बन सकता है। यह समस्या खासकर ठण्ड के समय उत्पन्न होती है।

(यह भी जानें: पौधों को पानी कब दें, जानें पानी देने का सही समय क्या है…)

टिप्स 4. पपीते से अधिक फल उत्पादन प्राप्त करने के लिए बेस्ट तापमान तथा रोशनी – Temperature And Light To Produce More Papaya In Hindi

  • टेरेस गार्डन पर लगे पपीते को विकसित करने तथा पैदावार बढ़ाने के लिए आदर्श तापमान 21-35 डिग्री सेल्सियस है।
  • पौधों की ग्रोथ के लिए पूर्ण सूर्य प्रकाश तथा 6-7 घंटे धूप की आवश्यकता होती है तथा पपीता के फल पकने के मौसम में गर्म और शुष्क जलवायु की आवश्यकता होती है।

टिप्स 5. पपीते के उत्पादन को बढ़ाने के लिए चुने उच्च उर्वरक और खाद – Best Fertilizer For Increase Papaya Yield In Hindi

पपीता में कौन सा खाद डालें - papeeta mein kaun sa khaad daalen

  • पपीते के पौधे के बेहतर विकास के लिए इसे उर्वरकों की अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है।
  • पौधों की वृद्धि के लिए तथा फलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम युक्त खाद का उपयोग करें।
  • पपीते के पौधों को साल में एक बार गोबर खाद या कम्पोस्ट जरूर दें। जीवामृत खाद पपीते के पौधे में फलों की पैदावार बढ़ाने के लिए बेहद लाभदायक होती है।
  • यदि आप सूखी खाद का इस्तेमाल करते हैं तो खाद देने के तुरंत बाद पपीते के पौधे को पानी अवश्य दें।

(यह भी जानें: पोटेड प्लांट्स के लिए टॉप 10 होममेड जैविक खाद…)

टिप्स 6. अधिक पपीते प्राप्त करने के लिए रखें पौधों को कीड़ों तथा रोगों से मुक्त – Control Pests And Disease, To Get More Fruits From Papaya In Hindi

  • पपीते के पौधों में कीट और रोगों के लगने का खतरा आम है, ब्लैक रॉट (Black rot) से लेकर आतंरिक पीलेपन जैसे रोगों के होने की संभावना पपीते के पौधे में होती है।
  • इन कीड़ों तथा रोगों से छुटकारा पाने के लिए अपने पपीते के पौधे की देखभाल करें तथा साफ़ सफाई व छटाई करते रहें।
  • पपीते के पौधे को कीड़ों से मुक्त रखने के लिए या कीट नियंत्रण के लिए नीम ऑइल और साबुन के पानी का उपयोग अवश्य करें।

टिप्स 7. पपीते की अधिक पैदावार के लिए पौधे को रखें उचित दूरी में – To Increase fruit Yield Maintain Distance In Papaya plant In Hindi

  • यदि आप 18 x 18 इंच के ग्रो बैग या गमले का चुनाव कर रहे हैं तो प्रत्येक ग्रो बैग में एक ही पौधा लगाएं, अधिक स्थान पौधे को फैलने तथा अच्छी तरह विकसित होने में मदद करेगी।
  • पपीते के गमले को अन्य पौधों के गमलों से लगभग 1-2 मीटर की दूरी पर रखें।

टिप्स 8. पपीते के विकास के लिए पौधों को खरपतवारों से मुक्त रखें – Control Weeds For Papaya Growth In Hindi

  • पपीते लगे गमले की मिट्टी में अक्सर अन्य खरपतवार उग जाते हैं, ये पौधों की ग्रोथ रुकने का कारण बन सकते हैं।
  • इन खरपतवारों को विकसित होने से रोकने के लिए नियमित रूप से अपने पपीते के पौधे की निराई तथा छटाई करते रहें।

(यह भी जानें: गार्डन में पेड़-पौधों की प्रूनिंग कैसे करें…)

पपीता के फूल क्यों गिरते हैं – Why Papaya Flowers Fall Off In Hindi

अक्सर आपने यह देखा होगा कि आपके घर पर लगे पपीते के पेड़ में फूल तो आते हैं लेकिन वह झड़ जाते हैं। पपीते के फूल झड़ने के निम्न कारण हो सकते हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं:

  • पपीते के फूलों को विकसित होने तथा पैदावार बढ़ाने के लिए आदर्श तापमान 21-35 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता 70% से 85% है। इससे कम या ज्यादा रेंज होने पर पपीते के फूल गिरने लगते हैं।
  • मिट्टी में नाइट्रोजन का कम या ज्यादा स्तर भी फूल गिरने का कारण बन सकता है।
  • सूखापन और अतिरिक्त नमी की स्थिति भी फूलों की वृद्धि परागण और निषेचन को प्रभावित कर सकती है।

(यह भी जानें: घर पर पपीते का पेड़ कैसे उगाएं…)

ऊपर दी गई समस्त स्थितियों को नियंत्रित करके आप पपीते के पेड़ से अधिक फलों को प्राप्त कर सकते हैं।

आशा है कि, यह आर्टिकल आपको घर पर लगे पपीते की पैदावार बढ़ाने के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। इस आर्टिकल से संबंधित आपके कोई सवाल या सुझाव हों तो हमें कमेन्ट में जरूर बताएं। बागवानी से जुड़े और भी उपयोगी लेख पढ़ने के लिए Organicbazar.net पेज पर जाएं।

पपीता के पेड़ में कौन सी खाद डालें?

पौधों की वृद्धि के लिए तथा फलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम युक्त खाद का उपयोग करें। पपीते के पौधों को साल में एक बार गोबर खाद या कम्पोस्ट जरूर दें। जीवामृत खाद पपीते के पौधे में फलों की पैदावार बढ़ाने के लिए बेहद लाभदायक होती है।

पपीता के पौधे की देखभाल कैसे करें?

पपीते का वलय-चित्ती पौधों में यह रोग उसकी किसी भी अवस्था पर लग सकता है, परन्तु एक वर्ष पुराने पौधे पर रोग लगने की अधिक संभावना रहती है।

पपीते के फूल क्यों झड़ रहे हैं?

गमले की मिट्टी में आर्द्रता (नमी) कम या ज्यादा होने के कारण भी पपीता के फूल सूखकर झड़ने लगते हैं l पपीता के पौधे की अधिकांश किस्मों के लिए 70%-85% नमी का होना आवश्यक है l मिट्टी में नमी की कमी के कारण फूलों में पोलिनेशन (परागण) की क्षमता कम हो जाती है, जिसके कारण पपीता के पेड़ से फूल गिर जाते हैं फलस्वरूप आपके पपीते के ...

पपीते के पत्ते पीले क्यों होते हैं?

फल सड़न रोग आधे पके फल रोगी होते हैं. इस रोग में फलों के ऊपर छोटे गोल गीले धब्बे बनते हैं. बाद में ये बढ़कर आपस में मिल जाते हैं तथा इनका रंग भूरा या काला हो जाता है. यह रोग फल लगने से लेकर पकने तक लगता है जिसके कारण फल पकने से पहले ही गिर जाते हैं.